बंगाल में ममता बानो पालित राक्षसों का बढ़ता प्रकोप दर्दनाक और डरावना है। टी एम सी के हिन्दू गुंडे नेता दरबे के मुर्गे हैं जिन्हें दाना चुगने से तब तक फुर्सत नहीं मिलेगी जब तक कसाइयों द्वारा उनके कटने की बारी न आ जाए। वस्तुतः आज के सन्दर्भ में हिन्दू उस बच्चे या बगिया की तरह है जिसे खाने के लिए न्यायिक प्रणाली, नेता, प्रशाशन, और गैर हिंदू समाज के जिहादी एवं उनके तलवे चट्टू दोगले सेकुलर कहे जाने वाले नेता भी सदैव तत्पर रहते हैं।
यूं तो पुराणों में राक्षसों का वर्णन है, परंतु आज के इन इस्लामिक राक्षसों के कृत्यों को देखते हुए पुराणों में वर्णित राक्षस भी सभ्य ही दिखाई देते हैं, क्योंकि उन राक्षसों की भी कुछ सामाजिक मान्यताएं थीं।
पौ फटने से पहले ही आधी नींद में उठ बैठी थी तो देखा बेटा मेरे आस - पास कुछ ढूंढ रहा था I उठते ही पूछा क्या हुआ? सुनीता विलियम जमीन पर सुरक्षित पहुँची या नहीं ?
बेटा हँस पड़ा बोला ...आप काहे को इतनी चिन्ता करतीं हैं ? आपकी पोती और बहू दोनों सोई है, अभी आप भी थोड़ी देर और सो लीजिए।
अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान दिवस,
बधाइयाँ,उत्साह वर्धक वक्तव्य
स्त्रियों की प्रत्येक क्षेत्रों में पहुंच,
आखिर जरूरत क्यों पड़ी इसकी?
The resumed attacks in Gaza may or may not be justified but that is the only way that Hamas may be compelled to return the hostages without blackmailing the Israelis. There are some recent developments which indicate that Gazans are possibly turning against Hamas terrorists.
World War-III seems round the corner although a bit distant away. With 9-10 nations armed with nuclear arsenals, some even being rogue states, it is a crucial time to put public safety in places at the highest priority.
India’s worst challenges are the growing economic burdens owing to the huge numbers of illegal migrants creating pressure on its limited resources as well as on its security.
The ‘TRUMP’ storm blowing in the world though on predicted lines, is highly unpredictable in its directions but the worse, almost entire world esp Europe will be affected adversely the worse.
Hate, intolerance and violence of Jihad is the curse of Quran on humanity. There are >180 jihadi organisations engaged in violence spread over all continents of the world.
महाशिवरात्रि तक चलने वाले महाकुंभ में सनातन संस्कृति के प्रति जो अगाध आस्था एवं विश्वास संपूर्ण भारतवर्ष में उत्साह के साथ दिखाई दिया उसका वर्णन शब्दों से परे है।